रांची विधानसभा घेराव: 10 अगस्त से पहले प्रशासन ने छात्रों को दी चेतावनी
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Ranchi Student Protest
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के मद्देनजर प्रशासन ने चेतावनी दी।
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में BNS धारा 163 लागू।
छात्रों से शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से मांग रखने की अपील।
Ranchi / विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने छात्रों से शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रतिबंध लागू किए गए हैं और निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन, धरना या जुलूस करना गैरकानूनी माना जाएगा।
रांची जिला प्रशासन की ओर से रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, झारखंड विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में अनुमंडल पदाधिकारी, सदर रांची द्वारा BNS की धारा 163 लागू की गई है। यह प्रावधान पुराने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के समान प्रतिबंधात्मक व्यवस्था से जुड़ा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रतिबंध के दायरे से झारखंड हाईकोर्ट, रांची को अलग रखा गया है।
विरोध प्रदर्शन पर प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने कहा है कि धारा 163 लागू होने के कारण विधानसभा के निर्धारित क्षेत्र में किसी भी तरह का प्रदर्शन, धरना या अन्य सामूहिक गतिविधि करना नियमों के विरुद्ध होगा। ऐसे में छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के आक्रामक या उग्र प्रदर्शन से बचें और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं कानूनी माध्यम से सरकार के सामने रखें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति हिंसक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने छात्रों को यह भी बताया है कि ऐसी कार्रवाई का असर उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य की रोजगार संभावनाओं पर पड़ सकता है।
पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर चेतावनी
जिला प्रशासन ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आवश्यक होती है। किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज नकारात्मक रिकॉर्ड भविष्य में सरकारी नौकरी हासिल करने में बाधा बन सकता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि इसका प्रभाव केवल सरकारी रोजगार तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि निजी कंपनियों में नौकरी या कुछ प्रकार के ठेके हासिल करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन का कहना है कि छात्रों की शिकायतें और उनकी मांगें लोकतांत्रिक व्यवस्था में उठाई जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए शांतिपूर्ण और वैधानिक रास्ता अपनाना जरूरी है। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे उग्रता या हिंसा का रास्ता न अपनाएं, क्योंकि इससे समस्या का समाधान होने के बजाय स्थिति और जटिल हो सकती है।
बहकावे में नहीं आने की अपील
रांची जिला प्रशासन ने आंदोलन में शामिल छात्रों से किसी के बहकावे में नहीं आने और संयम बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि युवा देश और राज्य के भविष्य के कर्णधार हैं और उन्हें अपने करियर, शिक्षा तथा उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
छात्रों और सरकार के बीच भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से बातचीत चल रही है। ऐसे में प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का आग्रह किया है।
10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए अब रांची में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रहेगी। प्रशासन ने साफ किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं छात्रों से अपनी मांगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत रखने की अपील की गई है। प्रशासन का संदेश है कि आंदोलन का अधिकार बना रहे, लेकिन कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति की सीमा का पालन करना भी जरूरी है।